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हाईकोर्ट की फटकार: एसपी बस्ती को फिर किया तलब, अवमानना की कार्रवाई की चेतावनी

अदालती आदेश की अनदेखी पर इलाहाबाद हाईकोर्ट सख्त, एसपी बस्ती से मांगा जवाब

अजीत मिश्रा (खोजी)

🔨हाईकोर्ट की नाराजगी: एसपी बस्ती को फिर से किया तलब, अवमानना की कार्रवाई की चेतावनी🔨

  • गलत हलफनामा देना पड़ा भारी: हाईकोर्ट ने एसपी बस्ती को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का दिया निर्देश।
  • जमानत अर्जी में लापरवाही और गलत हलफनामे पर बिफरा हाईकोर्ट, एसपी बस्ती की पेशी तय।
  • पुलिस की टालमटोल नीति पर हाईकोर्ट का कड़ा रुख; एसपी बस्ती को स्पष्टीकरण के लिए किया तलब।

प्रयागराज/बस्ती।। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अदालती आदेशों की अनदेखी और पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर कड़ा रुख अपनाया है। बस्ती के पुलिस अधीक्षक (SP) के अदालत में पेश न होने और मामले में लापरवाही बरतने पर नाराजगी जताते हुए कोर्ट ने उन्हें पुनः तलब किया है। कोर्ट ने स्पष्ट रूप से पूछा है कि आदेशों की अवहेलना के लिए उनके खिलाफ अवमानना (Contempt of Court) की कार्रवाई क्यों न शुरू की जाए।

⭐क्या है पूरा मामला?

यह मामला बस्ती निवासी मंजीत कुमार की जमानत अर्जी से जुड़ा है। न्यायमूर्ति अरुण कुमार सिंह देशवाल की एकलपीठ इस मामले की सुनवाई कर रही है। आरोप है कि सरकारी वकील द्वारा बार-बार निर्देश दिए जाने के बावजूद पुलिस की ओर से आवश्यक जानकारी और दस्तावेज कोर्ट को उपलब्ध नहीं कराए जा रहे थे।

⭐सुनवाई के दौरान मुख्य बिंदु:

🔔एसपी की अनुपस्थिति: शुक्रवार को सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट के स्पष्ट आदेश के बावजूद एसपी बस्ती व्यक्तिगत रूप से उपस्थित नहीं हुए। उनकी जगह उनके प्रतिनिधि कोर्ट में आए, जिसे कोर्ट ने स्वीकार नहीं किया।

🔔गलत हलफनामा: पूर्व में एसपी बस्ती की ओर से एक हलफनामा दाखिल कर यह दावा किया गया था कि जवाब तैयार करने में देरी संयुक्त निदेशक (अभियोजन विभाग) की ओर से हुई है।

🔔प्रशासनिक लापरवाही: जब संयुक्त निदेशक ने कोर्ट में पेश होकर स्थिति स्पष्ट की, तो पता चला कि जवाब तैयार करने की मुख्य जिम्मेदारी संबंधित जांच अधिकारी (IO) की थी। कोर्ट ने पाया कि क्षेत्राधिकारी (CO) द्वारा तैयार की गई जांच रिपोर्ट भी त्रुटिपूर्ण और दोषपूर्ण थी।

⭐कोर्ट की सख्त टिप्पणी

न्यायमूर्ति ने कहा कि तथ्यों को छिपाकर गलत हलफनामा दाखिल करना सीधे तौर पर अदालत की अवमानना के समान है। कोर्ट ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि पुलिस प्रशासन मामले को गंभीरता से नहीं ले रहा है।

⭐अगली कार्रवाई

हाईकोर्ट ने अब एसपी बस्ती को 16 अप्रैल 2026 को दोबारा व्यक्तिगत रूप से पेश होने का आदेश दिया है। कोर्ट ने उन्हें स्पष्टीकरण देने को कहा है कि कोर्ट को गुमराह करने और आदेशों का पालन न करने के लिए उनके विरुद्ध दंडात्मक कार्यवाही क्यों न की जाए।

ब्यूरो रिपोर्ट

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